play boy in bikaner/kota/jaipur/jodhpur-sex with play boy


मैं अपनी अगली कहानी आप सबके सामने पेश करता हूँ कि कैसे एक गलत फोन से मैं कॉल बॉय बन कर चूतों का पानी निकालने लगा !
हुआ यों कि मैंने मनीषा के परिवार की लगभग सारी महिलाओं की जरूरत पूरी की। उनमें से किसी एक ने मेरा नंबर दिल्ली की किसी लड़की को दे दिया, उस लड़की को कहा- मर्द की जरूरत हो तो फोन करके बुला लेना इस नम्बर वाले को !
फिर एक रात को किसी लड़की का फोन आया, बोली- मैं मोना बोल रही हूँ, मुझे तुम्हारा नंबर कामिनी ने दिया है।
मैं समझ गया कि किसी को मेरी जरूरत है।
मैंने उसे कहा- जगह बताओ, सोनीपत में कहा आना है?
वो बोली- आज रात ! मैं सोनीपत में नहीं दिल्ली में हूँ, यहीं आना है।
मैंने कहा- एक्स्ट्रा चार्ज लगेंगे।
उसने कहा- मैं दे दूँगी, तुम मेरा पता लिख लो !
मैं उसके बताए पते पर पहुँचा तो देखा कि वो किसी घर के ऊपर कमरा था जो उन्होंने किराये पर ले रखा था।
फिर मोना ने मुझे हाथ हिला कर इशारा किया, मैं ऊपर चला गया उसने हाथ पकड़ कर मुझे अन्दर बुला लिया और बोली- जब तुम इतने स्मार्ट हो तो तुम्हें कालबोय बनने की क्या जरूरत है? तुम तो लड़कियाँ पटा कर उन्हें चोदो।
मैंने कहा- वो तो एक नंबर का धंधा है और यह जो मैं अब कर रहा हूँ वो साइड बिसनेस है !
उसने मुझे धक्का देते हुए मुझे सोफे पर गिरा दिया और मुझे चूमने लगी।
मैं भी गर्म सा होने लगा और उसे जोर से चूमने लगा।
उसने मेरी शर्ट उतार दी तो मैंने भी उसकी कमीज़ उतार दी।
वो दिखने में ठीक थी, उसकी चूचियाँ ऐसी थी कि अगर मुझे उसे मुफ़्त में भी चोदना पड़े तो मैं छोड़ूँगा नहीं।
तब उसने मेरी ज़िप खोल कर मेरा लण्ड निकाल लिया और बोली- जितनी अच्छी सूरत, वैसा ही लण्ड !
और मुँह में लेकर चूसने लगी। मेरा लण्ड बिल्कुल सख्त डण्डे की तरह हो गया।
मैंने भी उसके सारे कपड़े उतार दिए। वो कयामत लग रही थी।
मैंने उसकी कोमल चूत जिस पर हल्के-हल्के बाल थे, उसे खूब चूसा। इतने में अन्दर से दो खूबसूरत लड़कियाँ और आ गई।
मेरे कुछ पूछने से पहले ही मोना बोल पड़ी- आओ और तुम भी मजे लूटो इसके !
मैंने सोचा कि कॉल-गर्ल्स को बुला कर उन पर दोस्त तो खूब चढ़ाए थे, पर यह नहीं सोचा था कि लड़कियाँ भी हमें चोद सकती हैं !
खैर वो सुंदर ही इतनी थी कि मैं खुद उनमें से किसी को छोड़ने वाला था नहीं।
वो भी अपने कपड़े उतार मुझ से चिपक गई, कोई मुझे गले पर, कोई मुझे छाती पर और एक मेरा लण्ड चूसती !
उन दोनों का नाम रिया और भारती था।
मैंने मोना को घोड़ी बना दिया और रिया-मोना सामने सीधी लेट गई, मोना रिया की चूत चाटने लगी। मैंने धीरे से मोना की चूत में लण्ड डाल दिया तो वो सिसकारियाँ भरने लगी- आह आह उई आह !
मैंने धक्के लगाने शुरु कर दिए।
भारती मेरे सामने आकर खड़ी हो गई, उसकी चूत ठीक मेरे मुँह के सामने थी, मैं धक्के लगाता रहा और उसकी चूत को भी चाटता रहा।
काफी देर हम इसी अवस्था में रहे। कुछ देर बाद भारती मेरे मुँह में ही झड़ गई और बिस्तर पर लेट गई।
मैंने अपने धक्कों की रफ़्तार तेज कर दी तो मोना भी झड़ गई। मैं भी काफी थक गया था तो मैं नीचे लेट गया और रिया को ऊपर आने का निमंत्रण दिया।
रिया मेरे ऊपर आ गई और धीरे से मेरा लण्ड पूरा अपनी चूत में डाल लिया।
दूसरी तरफ मोना और भारती दोनों एक दूसरी से चिपक कर लेटी हुई थी।
रिया उछल उछल कर अपनी चूत चुदवा रही थी और कह रही थी- मेरे राजा, मन तो करता है तुम्हें खा ही जाऊँ ! तुम चीज ही ऐसी हो ! पूरी जिन्दगी तुम्हें अपना बना लूँ और सारी जन्दगी तुम्हारे लण्ड का स्वाद लूँ।
फिर मैंने उसे नीचे लिटा लिया और जोर जोर से धक्के लगाने लगा।
वो चिल्लाने लगी- मजा आ गया ! क्या चीज लाई है मोना तू आज ! आह आह आ ह अहह आह फाड़ डालो मेरी चूत आज जितना मन करे चोदो !
और फिर हम एकदम एक साथ झड़ गये और मैं उसके ऊपर लेट कर हाँफ़ने लगा।
थोड़ी देर बाद भारती मेरे लण्ड को फिर चूसने लगी और उसे फिर तैयार कर दिया। मैं उसे नीचे लेटाने लगा तो घोड़ी बन कर बोली- मेरी चूत पहले ही शांत हो गई थी, अब मेरी गाण्ड को शांत कर दो।
मैंने थोड़ा थूक उसकी गाण्ड के छेद पर और थोड़ा अपने लण्ड के सुपारे पर लगाया और जोर से एक धक्का उसकी गाण्ड में लगा दिया।
वो आह कर के रह गई।
मैं उसकी गाण्ड को पागलों की तरह चोदने लगा, ऐसा लग रहा था ही उसकी तो पूरी जिन्दगी गाण्ड मारो, उसका फिर भी नहीं मन भरेगा।
अन्त में मैं उसकी गाण्ड में ही झड़ गया। फिर पूरी रात मैंने उन तीनों की गांड मारी।
सुबह मैं अपने आप को कमजोर महसूस कर रहा था।
रिया ने मुझसे दोस्ती करने को कहा।
तो मैं बोला- मुफ़्त में चुदना चाहती हो?
वो बोली- तुम्हारी मौज कराना चाहती हूँ !
रिया अब मेरी गर्लफ़्रेन्ड है और अपनी कई सहेलियों को मुझसे चुदवा चुकी है।